कोरोना से जीतने के लिए पीएम केयर्स फण्ड ने दिये 3100 करोड़, 2000 करोड़ के वेंटिलेटर ख़रीदे जायेंगे!

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How to Contribute donation money on PM-CARES
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पूरी दुनिया इस समय कोरोनावायरस से जंग लड़ रही है। हमारे भारत में भी कोरोना को हराने की जद्दो-जहद जारी है। कोरोना को हराने के लिए हमारे देश में लम्बे समय से लॉकडाउन जारी है। लॉकडाउन के दो चरण समाप्त हो चुके हैं। लॉकडाउन का ये तीसरा चरण 17 मई को समाप्त हो रहा है। लेकिन बताया जा रहा है कि लॉकडाउन का चौथा चरण (Lockdown 4.0) भी आएगा। लॉकडाउन के चौथे चरण के बारे में पीएम नरेंद्र मोदी ने अभी दो दिन पहले संकेत दिये थे। अब खबर आ रही है कि कोरोना को हराने के लिए ‘पीएम केयर्स फण्ड’ 3100 करोड़ रूपये दे रहा है।

कोरोना से लड़ने के लिए ‘पीएम केयर्स फण्ड’ को बनाया गया था। इसका पूरा नाम ‘प्राइम मिनिस्टर सिटीजन असिस्टेंस एंड रिलीफ इन इमरजेंसी सिचुएशन’ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस ट्रस्ट की स्थापना 17 मार्च 2020 को की थी। कोरोना को हराने के लिए इस फण्ड को बनाया गया था। देश भर के लोगों इस फण्ड में पैसा ट्रांसफर करके अपना योगदान दिया था। अब खबर मिली है कि इस फण्ड से 3100 करोड़ रूपये कोरोना से लड़ने के लिए दिये गए हैं। आइये जानते हैं कहाँ पर कितना पैसा खर्च किया जाएगा?

2000 करोड़ रूपये के वेंटिलेटर ख़रीदे जायेंगे

कोरोना से लड़ने के लिए वेंटिलेटर बहुत ज़रूरी चीज़ है। चूँकि कोरोना से संक्रमित होने के बाद संक्रमित व्यक्ति को सांस लेने में दिक्कत होने लगती है। ऐसे में बिना वेंटिलेटर के मरीज़ की जान बचाना बहुत मुश्किल हो जाता है। इसी को सोचते हुए सरकार ने फैसला किया है कि 2000 करोड़ के मेड इन इंडिया वेंटिलेटर ख़रीदे जायेंगे। इतनी रकम में लगभग 50,000 वेंटिलेटर ख़रीदे जा सकते हैं। ये वेंटिलेटर देश के सभी अस्पतालों में भेजे जायेंगे।

1000 करोड़ मज़दूरों पर खर्च होंगे

कोरोनावायरस का सबसे ज़्यादा असर गरीब मज़दूरों पर पड़ा है। जो मज़दूर दूर जाकर काम करते है वे सबसे ज़्यादा प्रभावित हुए हैं। मज़दूरों की समस्या को समझते हुए सरकार 1000 करोड़ की राशि इन प्रवासी मज़दूरों पर खर्च करेगी। ये राशि प्रत्येक राज्य में प्रभावित जनसंख्या के अनुसार वितरित की जाएगी। इस राशि की मदद से मज़दूरों के रहने, खाने, चिकित्सा और यातायात की सुविधा की जाएगी।

100 करोड़ कोरोना वैक्सीन बनाने पर खर्च होंगे

जब से कोरोना फैला है तब से इसकी वैक्सीन बनाने की कोशिश की जा रही है। जब तक कोरोना की वैक्सीन नहीं बन जाती तब तक कोरोना का ख़त्म होना लगभग असंभव है। दुनिया भर में डॉक्टर और साइंटिस्ट कोरोना की वैक्सीन बनाने में जुटे हुए हैं। भारत में भी वैक्सीन बनाने की दिन रात कोशिश की जा रही है। पीएम केयर्स फण्ड से अब वैक्सीन निर्माण पर 100 करोड़ खर्च किये जायेंगे। उम्मीद है इस राशि की मदद से कोरोना वैक्सीन निर्माण कार्य में तेज़ी आएगी।

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