कच्चे तेल के दामों में आई गिरावट, लेकिन भारत ने अब भी पेट्रोल डीजल के दामों को नहीं किया कम ,जानिए क्यों?

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crude oil pric in india 2020

कोरोना वायरस के चलते आज पुरे विश्व की अर्थव्यवस्था डगमगा गयी हे, हर देश की सरकार अपने देश के लोगों को पर्याप्त मात्रा में संसाधन मुहैया कराने में जुटी हे,वहीँ दूसरी तरफ कोरोना से संक्रमित लोगों की संख्या घटने का नाम नहीं ले रही हे जिसका असर इंटरनेशनल मार्किट पर भी देखने को मिल रहा हे ,जी हाँ दोस्तों अगर हम बात करें इंटरनेशनल मार्किट की तो पेट्रोल, डीजल के दाम हर रोज़ गिरते नज़र आ रहे हैं जो की हर देश की अर्थव्यवस्था को बैलेंस करने में एहम रोल निभाता हे|

सवाल उठता हे की जब कच्चे तेल के दाम रोज़ गिरते हुए दिखाई दे रहें हैं तो भारत जैसा देश जो आज के दौर में पुरे विश्व में अपना लोहा मनवा चूका हे,क्यों वो असफल हो रहा हे| पेट्रोल, डीजल के दामों को कम करने में, तो आज हम आप लोगों को बताएंगे की इसके पीछे क्या वजह हे, क्यों जब आज पेट्रोल के दाम पानी के दामों की तरह हो रहें फिर भी हम पीछे हैं अपने देश को कम दामों में तेल मुहैया कराने में ?

इसकी वजह ये हे की भारत में पेट्रोल, डीजल पर बहुत तरीके के TAX लगते हैं ,और फ़िलहाल हमारी सरकार का TAX में कटौती करने का कोई इरादा नहीं हे |

हम आपको उदहारण देकर समझाते हैं , मान लीजिये की कच्चे तेल के दाम 25 $ प्रति बैरल हे तो भारत को 159 लीटर तेल के लिए 1921 रूपये देने पड़ेंगे ,जिसके हिसाब से 1 लीटर तेल के दाम 12 रूपये हुए,इस हिसाब से हमें 1 लीटर कच्चा तेल 12 रूपये में मिल जाता हे, लेकिन 1 लीटर तेल को REFINE  करने का खर्चा लगभग 10 रूपये आता हे,जिसके बाद इसमें कई तरह के TAX और DUTY जुड़ जाती हैं | इस प्रकार डीजल का बेसिक दाम 22 रुपए और पेट्रोल का दाम 26 रूपये हो जाता हे और फिर पेट्रोल पर 23 रुपए की EXICE DUTY लगती हे और डीजल पर 18 का उत्पाद शुल्क लगता हे ,इसके बाद इसमें डीलर की कमीशन जुड़ जाती हे जो की पेट्रोल,और डीजल के दामों के हिसाब से अलग अलग होती हे ,फिर राज्ये सरकार इसमें VAT लगाती हे जिसकी वजह से तेल खरीदने के लिए हमें भारी कीमत चुकानी पड़ती हे|

TAX की वजह से ही भारत सरकार तेल के दामों में कमी नहीं कर पाती |

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