मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र की सीमा पर प्रवासी मज़दूरों का ज़ोरदार प्रदर्शन, प्रशासन पर किया पथराव!

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कोरोनावायरस महामारी ने दुनिया को हिला कर रख दिया है। बड़े बड़े ताकतवर देश भी इस वायरस के सामने झुक गए हैं। भारत में भी ये जानलेवा वायरस अपने पाँव पसार चुका है। इस वायरस से बचने के लिए सरकार द्वारा लॉकडाउन लगाया गया है। लम्बे समय से लगे लॉकडाउन के कारण भारत के लोगों को बहुत से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे ज़्यादा परेशान देश के प्रवासी मज़दूर हुए हैं।

खबर आ रही है कि मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र की सीमा सेंधवा के पास हज़ारो प्रवासी मज़दूर जमा हो रहे हैं। हर रोज़ सैंकड़ो मज़दूर यहाँ बढ़ जाते हैं। हाल ही में मज़दूरों ने खाने की समस्या को लेकर विरोध प्रदर्शन किया है। इस प्रदर्शन के दौरान मज़दूरों ने पथराव भी किया है। मज़दूरों का कहना है कि सरकार उनके खाने की व्यवस्था नहीं कर रही है। दूसरी और शिवराज सरकार का कहना है कि मज़दूरों के भोजन और उन्हें घर भेजने की व्यवस्था की जा रही है।

अचानक लगे लॉकडाउन के कारण जो मज़दूरों अपने घरों से सैंकड़ो किलोमीटर दूर जा कर काम कर रहे थे वे वहीं फंस गए। जब खाने पीने से भी मोहताज हो गए तो मज़बूरी में गरीब मज़दूर पैदल ही अपने घरों की तरफ निकल पड़े। हज़ारो किलोमीटर लम्बे सफर पर निकले इन मज़दूरों में से सैंकड़ो मज़दूर अपने घर पहुँचने से पहले ही मर गए। कोई भूख से तो कोई सड़क दुर्घटना से रास्ते में ही मर गए।

काफी दिन तक इन्हे नज़रअंदाज़ करने के बाद आखिरकार सरकार जागी। सरकार ने इन मज़दूरों को घर पहुंचाने और इनके खाने पीने की व्यवस्था करने का वादा किया। मज़दूरों को पहुंचाने के लिए स्पेशल श्रमिक ट्रैन और बसों का इंतेज़ाम किया जा रहा है। इसीलिए अब ये मज़दूर जहाँ तक पैदल पहुंचे हैं वहीं रुक गए है। देश में जगह जगह सैंकड़ो मज़दूरों ने अपना डेरा डाल दिया है। इन्हे उम्मीद है कि सरकार इनकी मदद करेगी।

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