लॉकडाउन में मज़दूरों को घर पहुंचाने के लिए श्रमिक ट्रैन, कांग्रेस उठाएगी टिकटों का खर्चा!

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कोरोनावायरस महामारी के कारण हमारे देश में लॉकडाउन जारी है। जिस समय लॉकडाउन घोषित किया गया उस समय हज़ारो दिहाड़ी मज़दूर अपने घरों से दूर दूसरे राज्यों में काम कर रहे थे। अचानक लगे इस लॉकडाउन के कारण गरीब मज़दूर वहीं फंसे रह गए। अब इन मज़दूरों के पास न काम था न खाने को पैसा। भूख से परेशान होकर हज़ारो मज़दूर मज़बूरी में पैदल ही अपने घरों की तरफ निकल गए। लेकिन इतना लम्बा सफर पैदल तय करना आसान नहीं था। इस सफर में सैंकड़ो मज़दूर अपने घर पहुँचने से पहले ही मर गए।

केंद्र में मौजूद मोदी सरकार की मज़दूरों की स्थिति को लेकर बहुत आलोचना हुई। मोदी सरकार न तो मज़दूरों को उनके घर पहुंचाने की व्यवस्था कर पायी और न उन्हें 2 वक़्त का खाना मुहैया करवा पायी। सैंकड़ो लोगों की जान जाने के बाद आखिरकार केंद्र सरकार की नींद टूटी और केंद्र ने मज़दूरों को उनके घर पहुंचाने के लिए एक स्पेशल श्रमिक ट्रैन चलाने का निर्णय लिया।

खबर सुनकर मज़दूरों की ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा। सबको अपने घर जानें की ख़ुशी थी। लेकिन ये ख़ुशी ज़्यादा देर तक नहीं रही। रेलवे स्टेशन पर जाकर पता चला कि मज़दूरों के लिए ये सफर फ्री नहीं होगा बल्कि उन्हें टिकट लेना होगा इतना ही नहीं टिकट का किराया सामान्य से भी ज़्यादा कर दिया गया। गरीब मज़दूरों से टिकट का पैसा वसूलने पर विपक्षी पार्टियों ने रेलवे की आलोचना की।

विपक्ष ने केंद्र में मौजूद मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए बताया कि रेलवे को किराया वसूलने का आदेश मोदी सरकार ने दिया है। सबूत के तौर पर एक चिट्ठी का फोटो दिखाया गया जो केंद्र ने रेलवे को लिखा था। चिट्ठी में साफ़ था कि केंद्र ने ही मज़दूरों से किराया लेने की बात कही थी। राहुल गाँधी ने केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन मज़दूरों के पास रोटी खाने के लिए पैसे नहीं हैं वो टिकट के लिए कहाँ से पैसा लाएंगे?

कांग्रेस उठाएगी मज़दूरों के किराये का खर्च

मज़दूरों से किराया वसूलने को लेकर विपक्षी पार्टियों ने केंद्र को घेरा। कांग्रेस पार्टी के हर एक बड़े नेता ने केंद्र की आलोचना की। कांग्रेस पार्टी की अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी गरीब मज़दूरों के टिकट का खर्चा उठाएगी। ये बयान आने के बाद केंद्र सरकार पर हमला और ज़्यादा तेज़ हो गया।

प्रियंका गाँधी ने ट्वीट करते हुए लिखा कि, ‘जब रेल मंत्री 151 करोड़ पीएम केयर फण्ड में दें सकते हैं तो गरीब मज़दूरों के लिए किराया फ्री क्यों नहीं कर सकते?’ कांग्रेस की और से एक बयान में ये भी कहा गया कि जब विदेश में फंसे हुए लोगों को विमान के ज़रिये बिना किराये के देश में लाया जा सकता है तो देश में रहने वाले गरीब मज़दूरों से किराया क्यों लिया जा रहा है?

राहुल गाँधी ने भी केंद्र पर निशाना लगाते हुए इस मामले में कई ट्वीट किये। राहुल गाँधी के साथ ही महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने भी मज़दूरों से किराया वसूलने की आलोचना की थी। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी के मज़दूरों का किराया उठाने के बयान आने के बाद अब ये मामला और भी ज़्यादा गर्म हो गया है।

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