मेरठ हॉस्पिटल की हरकत पर भड़के ओवैसी, मुसलमानों के पक्ष में कही ये बात!

मेरठ के वेलेंटिस नाम के हॉस्पिटल ने एक विवादित विज्ञापन छपवाकर एक नए विवाद को जन्म दिया है। हॉस्पिटल ने अखबार में विज्ञापन छपवाकर कहा कि ‘मुस्लिमों का इलाज इस हॉस्पिटल में तभी किया जायेगा जब व अपना और अपनी देखभाल करने वाले का कोरोना नेगेटिव रिपोर्ट साथ लेकर आएंगे।’ हॉस्पिटल द्वारा दिया गया ये बयान सीधा सीधा मुस्लिमों को निशाना बनाता है। इस विज्ञापन के आने के बाद सोशल मीडिया पर इसकी खूब आलोचना हुई। एक अस्पताल द्वारा धार्मिक भेदभाव वाकई निंदनीय कार्य है।


इस पूरे विवाद पर अब AIMIM के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने ट्वीट करके प्रतिक्रिया दी है। ओवैसी ने ट्वीट करके कहा कि ‘अगर अस्पताल अपने विज्ञापन को लेकर आश्वस्त है तो फिर जांच किस बात की? उसे जनता को नुक्सान पहुँचाने का अधिकार किसने दिया? प्रधानमंत्री कहते हैं कि कोरोना वायरस धर्म नहीं देखता, इसके बावजूद प्रधानमंत्री के प्रशंसक सिर्फ मुस्लिमों को निशाना बना रहे हैं और उनकी ज़िन्दगी को खतरे में डाल रहे हैं।’

इस विवादित विज्ञापन को लेकर अस्पताल के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। मेरठ के इंचौली थाना प्रभारी ने बताया कि ‘अस्पताल के संचालक पर शिकायत दर्ज कर ली गयी है। उनके खिलाफ उचित कार्यवाही की जाएगी।’ हालाँकि अस्पताल ने अगले दिन दूसरा विज्ञापन छपवाकर माफ़ी मांग ली थी। विज्ञापन में कहा गया कि उन्हें अपनी गलती पर खेद है। अस्पताल किसी तरह के भेदभाव में यकीन नहीं रखता है। हम किसी की भावनाओ को ठेस पहुँचाना नहीं चाहते हैं। हमें मिल-झुल कर इस महामारी से निबटना है।

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Mohd Aarish:
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