संजय भगत: कामयाब डिजिटल मार्केटर और ट्रैवलर| जीवन की कहानी |

किसी ने सही कहा हे की अगर कोई इंसान अपनी ज़िंदगी में कुछ करना चाहे या कुछ बनना चाहे तो उसे वो सब करने से कोई नहीं रोक सकता, दुनिया की कोई ताकत नहीं है जो इसके आगे बाधा बन जाये| सब कुछ करना मुमकिन हे अगर आप चाहो, लेकिन अगर आप ही कुछ करना नहीं चाहते हो तो दुनिया की कोई ताकत आपको कामयाब नहीं कर सकती| कामयाब होने के लिए बस आपके अंदर आत्मविश्वास होना चाहिए, लगन होनी चाहिए और एक मंज़िल जिसे आप पाना चाहते हो |

हम एक ऐसी ही शख्सियत की बात करने जा रहे हैं जिसने अपनी काबिलियत से पूरी दुनिया के सामने कामयाबी की एक मिसाल पेश कर के दिखाई है| जी हाँ दोस्तों हम आपको बता दें संजय भगत एक ऐसे ही इंसान हे जो की हम सब के सामने एक मिसाल हैं उनके अंदर वो सब Skills हैं जो एक कामयाब इंसान को चाहिए- वो बुद्धिमान हे, साहसिक हैं और युवा हैं |

संजय भगत जम्मू-कश्मीर के पवित्र नगर कटरा (वैष्णो देवी) के रहने वाले हैं जिन्होंने डिजिटल मार्केटिंग से 2014 में अपने career की शुरुआत की| 6 साल से वो डिजिटल मार्केटिंग कर रहे हैं | आप जान कर दंग रेह जायेंगे की सिर्फ 6 साल के career में उन्होंने क्या कुछ नहीं किया| संजय भगत को पहला ग्राहक लाइन मैसेंजर से 2014 में मिला और तभी से उनके डिजिटल मार्केटिंग की शुरुआत हुई ,उसके बाद जब उन्होंने अपने टैलेंट का लोहा पुरे देश में मनवा लिया तो बहुत सी जानी मानी कंपनियों की तरफ से उन्हें ऑफर आने शुरू हो गए| फिर उन्होंने Ali Express, Myntra, CarDekho, WeChat & UC News जैसी बड़ी कंपनियों के साथ भी काम किया|

संजय भगत बहुत Confidential और Passionate person हैं जो हमेशा नयी-नयी चीज़ें भी सिखने में अपनी रूचि रखते हैं| और उन्होंने बहुत सी websites भी design की हैं जैसे- Travel Operators, Hotel & Interior और संजय को घूमना फिरना भी बहुत पसंद हैं इसलिए जब भी उन्हें वक्त मिलता हे वो नयी नयी जगह घूमने निकल जाते हैं| भारत में शायद ही कोई जगह बाकी होगी जो संजय भगत ने नहीं देखि हो इसके अलावा उनकी कुछ Foreign Trips हैं जो बहुत यादगार हैं उनमे से उनकी Favourite Trip (Dubai -Abu Dhabi, Malasiya, Indonesia, Thailand ) हैं|

संजय भगत की रुचि कैसे डिजिटल मार्केटिंग में आयी?

डिजिटल मार्केटिंग को अगर हम आसान भाषा में समझें तो इसका मतलब है की इंटरनेट के माध्यम से कोई काम करना जिसके लिए आपके पास लैपटॉप या कंप्यूटर होना चाहिए और उसमे इंटरनेट कनेक्ट होना चाहिए | आइये जानते हैं की संजय भगत की रूचि डिजिटल मार्केटिंग में किस तरह आयी जिससे उन्होंने इतनी जल्दी तरक्की हांसिल करली

2013 में संजय भगत को एक Car Accident में गंभीर चोटें आयी, जिसमें उनकी एक बाज़ू और एक कलाई की हड्डी टूट गयी जिसकी वजह से वो काफी दिन घर पर ही आराम किया, चोट के चलते काफी दिन Bed Rest पर रहना पड़ा, काफी समय बेड पर बिताते-2 उनको डिजिटल मार्केटिंग के बारे में पता चला की लोग अपने घर पे रहकर ही पैसा कमा सकते हैं अचानक बैठे-बैठे एक ख़याल आया क्योँ ना डिजिटल मार्केटिंग में किस्मत आज़माकर देखा जाये और तभी से उनकी रुचि उसमे होने लगी|

आज संजय अपना कर्रिएर भी डिजिटल मार्केटिंग में बना चुके हैं और नए नए Projects पर काम कर रहे हैं | Future में संजय की E-Commerce venture की भी तैयारियां चल रही हैं |

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Muzeeb Ansari:
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