कोरोना के चलते एक दूसरे को खाने को मजबूर हुए चिड़ियाघर के जानवर!

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    कोरोनावायरस ने इंसान की ज़िन्दगी को बदल कर रख दिया है। दुनिया भर में सभी इंसान इस महामारी के कारण अपने घरों में क़ैद होने को मजबूर हैं। इंसानो के अलावा जानवरो पर भी इस महामारी का बहुत बुरा असर पड़ रहा है। जानवरो के पास खाने के लिए कुछ नहीं है। सब जगह सड़के वीरान हैं, ऐसे में जो जानवर सड़को से खाना उठा कर अपना पेट भरते थे, अब वे भूखे मर रहे हैं। जंगली जानवरो के आलावा चिड़ियाघर के जानवर भी परेशान हैं। चिड़ियाघरों में जानवर एक दूसरे को खाने पर मजबूर हो गए हैं। ये मामला जर्मनी की राजधानी बर्लिन के एक चिड़ियाघर का है।

    बर्लिन के चिड़ियाघर की निदेशक ‘वेरेना कसपारी’ ने बताया की कोरोनावायरस के कारण काफी लम्बे अरसे से चिड़ियाघर बंद है। कोरोनावायरस की वजह से चिड़ियाघर की कोई आमदनी नहीं हो रही है। वेरेना का कहना है की इस सीजन में चिड़ियाघर को 1.45 करोड़ रूपए का नुक्सान हुआ है। चिड़ियाघर बंद होने के कारण जानवर सुस्त पड़े हुए हैं। और अब उनके खाने की भी किल्लत होने लगी है।

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    वेरेना ने बताया कि उन्होंने प्रशासन और सरकार से मदद मांगी है लेकिन अभी तक सरकार की तरफ से कोई मदद नहीं पहुंची है। ऐसे में एक ही रास्ता बचता है कि जानवरो को एक दूसरे को खिला दिया जाये। वेरेना बताती हैं कि उन्होंने एक लिस्ट तैयार की है जिसमे लिखा हुआ है कि पहले कौन से जानवर खिलाये जायेंगे। वेरेना ने कहा कि चिड़ियाघर में हज़ारो जानवर होते हैं जिनके खाने का खर्चा काफी ज़्यादा होता है। खास कर बड़े जानवरो का खाने का खर्चा काफी ज़्यादा होता है।

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    बड़े जानवर बहुत ज़्यादा खाते हैं इसलिए चिड़ियाघर की कमाई का एक बड़ा हिस्सा जानवरो के खाने में ही जाता है। अगर सरकार की तरफ से कोई मदद नहीं आती है तो वे जानवरो को मार कर दूसरे जानवरो को खिलाएंगे। हम आशा करते हैं कि सरकार की तरफ से मदद पहुंच जाये और इन जानवरो की जान बच जाये।

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